का सरल उत्तर
ताड़का वध और यज्ञ रक्षा के बाद, जनकपुर जाते मार्ग में। एक आश्रम में शिला देखकर रामजी ने पूछा, मुनि ने कथा सुनाई, चरण-स्पर्श से उद्धार हुआ। इसके बाद गंगा तट से जनकपुर गये।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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