का सरल उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, एक भी अखंडित (बिना कटा-फटा) बेलपत्र चढ़ाने से मनुष्य अपने सभी पापों से पूरी तरह शुद्ध (पाप-मुक्त) हो जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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