का सरल उत्तर
क्योंकि शेषनाग भगवान विष्णु की शय्या (बिस्तर) हैं और उन्हीं के ऊपर भगवान आराम करते हुए दुनिया चलाते हैं। घास (दूर्वा) से शेषनाग बनाकर कलश पर उनकी पूजा होती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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