का सरल उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, अनंत चतुर्दशी की पूजा हमेशा 'मध्याह्न काल' (दिन के बीच के समय यानी दोपहर) में करनी चाहिए, क्योंकि इसी समय अनंत सूत्र का निर्माण और पूजन किया जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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