का सरल उत्तर
इस व्रत में मुख्य रूप से भगवान विष्णु के 'अनन्त' स्वरूप और उनकी शय्या बने काल के प्रतीक 'शेषनाग' की पूजा की जाती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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