का सरल उत्तर
अर्घ्य का जल जब पृथ्वी पर गिरे तो: उस अमृततुल्य जल को दाहिने हाथ की उंगलियों से स्पर्श करके मस्तक, कंठ और दोनों नेत्रों पर लगाएं। यह सूर्य ऊर्जा के आत्मसातीकरण की प्रक्रिया है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।