अर्घ्य का पानी गिरने के बाद क्या करते हैं का सबसे सीधा सार यह है: अर्घ्य का जल जब पृथ्वी पर गिरे तो: उस अमृततुल्य जल को दाहिने हाथ की उंगलियों से स्पर्श करके मस्तक, कंठ और दोनों नेत्रों पर लगाएं। यह सूर्य...
सूर्य अर्घ्य जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•सूर्य अर्घ्य श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।