विस्तृत उत्तर
भगवान श्रीकृष्ण ने अपने पुत्र साम्ब को कुष्ठ रोग से मुक्ति हेतु 'भविष्य पुराण' में इस गुह्य मन्त्र का उपदेश दिया था।
'ॐ खखोल्खाय स्वाहा' (OM KHAKHOLKHAYA SWAHA)
इस मन्त्र के प्रभाव से साम्ब ने बारह वर्ष तक चंद्रभागा नदी (कोणार्क के निकट) के तट पर तपस्या कर कुष्ठ रोग से मुक्ति प्राप्त की थी। यह मन्त्र दोनों हथेलियों से जल अर्पण करते समय मानसिक रूप से जपा जाता है।
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