विस्तृत उत्तर
यह घटना वैदिक चिकित्सा और ज्योतिष के सूर्य-संबंध को दर्शाती है। पौराणिक आख्यान के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब को एक महर्षि के श्राप के कारण भयंकर कुष्ठ रोग (कोढ़) हो गया था। तब भगवान कृष्ण के ही परामर्श से साम्ब ने विशेष सूर्योपासना (विशेषकर रथ सप्तमी के दिन) की। इस आराधना से प्रसन्न होकर सूर्यदेव ने उसे कुष्ठ रोग से पूर्णतः मुक्त कर दिया। इसीलिए यह पर्व आरोग्य-प्राप्ति का अचूक साधन माना जाता है।





