विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत के प्रसंग के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से दान में तीन पग भूमि मांगी और सब कुछ नाप लिया, तो बलि ने अपना शीश समर्पित कर दिया। भगवान ने प्रसन्न होकर बलि को पाताल का राज्य दिया। बलि ने वरदान मांगा कि भगवान सदैव उसके सामने रहें। भक्त के अधीन होकर भगवान विष्णु 4 मास पाताल लोक में बलि के पहरेदार बनकर रहने लगे। बाद में माता लक्ष्मी ने बलि को राखी बांधकर भगवान को वापस मांगा, तब से यह परंपरा है कि भगवान 4 महीने पाताल में निवास करते हैं।





