विस्तृत उत्तर
पौराणिक कथा के अनुसार, देवासुर संग्राम के समय जब समुद्र मंथन से अमृत का कलश निकला, तो असुरों ने उसे देवताओं से छीन लिया। असुरों को अमृत पीने से रोकने और देवताओं की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने एक अलौकिक सुंदरी का रूप धारण किया, जिसे 'मोहिनी' कहा गया। मोहिनी ने अपनी सुंदरता और चातुर्य से असुरों को मोहित कर भ्रमित कर दिया और सारा अमृत देवताओं को पिला दिया। यह अवतार दर्शाता है कि विषय-विकारों (असुरों) से बचने के लिए ईश्वरीय विवेक (मोहिनी) ही मोक्ष दे सकता है।




