विस्तृत उत्तर
पद्म पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु ने जीवों को उनके पापों की सजा देने के लिए 'पाप पुरुष' बनाया था। जब जीव नरक में कष्ट भोगने लगे, तो भगवान ने दया करके अपने शरीर से 'एकादशी' नाम की देवी को प्रकट किया। एकादशी का व्रत करने से जीव सीधे स्वर्ग जाने लगे, जिससे घबराकर पाप पुरुष ने भगवान से मदद मांगी। तब भगवान विष्णु ने पाप पुरुष को एकादशी के दिन 'अन्न' (अनाज) में छुपकर वास करने का निर्देश दिया। इसीलिए एकादशी को अनाज खाना पाप माना जाता है।




