विस्तृत उत्तर
पद्म पुराण और पौराणिक कथाओं के अनुसार, एकादशी तिथि जीवों के पापों का नाश करने के लिए भगवान विष्णु की शक्ति के रूप में प्रकट हुई थी। जब 'पाप पुरुष' (पापों के प्रतीक) ने भगवान से छुपने के लिए जगह मांगी, तो भगवान ने उसे एकादशी के दिन 'अन्न' (अनाज) में निवास करने का निर्देश दिया। यही कारण है कि एकादशी के दिन अन्न खाना सीधे तौर पर पापों का सेवन करने (पाप खाने) के समान माना गया है।





