शिव दर्शनशिव के अष्टमूर्ति रूपों का वर्णन किस ग्रंथ में है?भविष्य पुराण: 8 मूर्तियां — पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश, यजमान(आत्मा), चंद्र, सूर्य। कालिदास 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' नांदी श्लोक = सबसे प्रसिद्ध संदर्भ। अर्थ: शिव ब्रह्मांड के 8 तत्वों में सर्वव्यापी।#अष्टमूर्ति#आठ रूप#भविष्य पुराण
लोकभविष्य पुराण और यमस्मृति में श्राद्ध के 12 प्रकार कौन से हैं?श्राद्ध के 12 प्रकार हैं: नित्य, नैमित्तिक, काम्य, वृद्धि, सपिण्डन, पार्वण, गोष्ठी, शुद्धर्थ, कर्मांग, दैविक, यात्रार्थ और पुष्ट्यर्थ।#श्राद्ध के 12 प्रकार
नियम और निषेधमकर संक्रांति का व्रत कौन कर सकता है?भविष्य पुराण: ब्राह्मणों से लेकर शूद्रों तक — सभी वर्ण, आयु और लिंग के लोगों को मकर संक्रांति व्रत का पूर्ण अधिकार। क्षमतानुसार मंत्र-सहित या बिना मंत्र। महिलाएँ: सुहाग-सामग्री, कुमकुम, हल्दी, अन्न का दान।#व्रत पात्रता#भविष्य पुराण#सभी वर्ण
दान विधानमकर संक्रांति पर राशि अनुसार क्या दान करें?राशि अनुसार दान: मेष = ऊनी वस्त्र; वृषभ = गाय-चावल; मिथुन = हरे मूंग; कर्क = घी-चांदी; सिंह = स्वर्ण-गेहूं; कन्या = अन्न-बीज; तुला/वृश्चिक = वस्त्र; धनु = चने की दाल; मकर = तिल-कंबल-ईंधन; कुम्भ = जल-घड़े; मीन = पुष्प-मिष्ठान।#राशि अनुसार दान#भविष्य पुराण#स्कंद पुराण
सूर्य अर्घ्य'ॐ खखोल्खाय स्वाहा' मंत्र का क्या महत्व है?भविष्य पुराण: श्रीकृष्ण ने पुत्र साम्ब को कुष्ठ रोग से मुक्ति के लिए 'ॐ खखोल्खाय स्वाहा' मंत्र दिया। साम्ब ने 12 वर्ष चंद्रभागा नदी तट पर तपस्या कर रोग मुक्ति पाई। अर्घ्य देते समय दोनों हथेलियों से जल अर्पण करते हुए मानसिक जप।#खखोल्खाय स्वाहा#भविष्य पुराण#साम्ब
तिल का महत्व और षट्तिलाषट्तिला क्या होता है — छह तरह के तिल प्रयोग कौन से हैं?षट्तिला = तिल के 6 प्रयोग: (1) तिल उबटन (स्नान पूर्व), (2) तिल स्नान (काले तिल जल में), (3) तिल तर्पण (पितरों को), (4) तिल हवन (अग्नि में), (5) तिल दान (ब्राह्मण-दरिद्र को), (6) तिल भक्षण (लड्डू-खिचड़ी खाना)।#षट्तिला#6 तिल प्रयोग#गरुड़ पुराण
पुण्यकालरात को मकर संक्रांति हो तो पूजा कब करें?भविष्य पुराण: संक्रांति के दिन रात्रि में भी स्नान और दान किया जा सकता है — यह अपवाद है। हेमाद्रि और माधव: मकर संक्रांति (उत्तरायण) रात्रि में हो तो भी पुण्यकाल पूरे दिन मान्य रहता है। अन्य संक्रांतियाँ अगले दिन स्थानांतरित।#रात्रि संक्रमण#भविष्य पुराण#अपवाद
पौराणिक कथाइन्दुमती की कथा क्या है और उसने यह व्रत क्यों किया?भविष्य पुराण के अनुसार, इन्दुमती एक वेश्या थी जिसने जिंदगी में कभी पूजा-पाठ नहीं किया था। बुढ़ापे में मृत्यु के डर से उसने यह व्रत किया, जिसके पुण्य से उसे मोक्ष और 'सूर्य-लोक' मिला।#इन्दुमती#भविष्य पुराण#मोक्ष
शास्त्रीय प्रमाणसत्यनारायण व्रत का उल्लेख किस पुराण में मिलता है?इस व्रत का मुख्य उल्लेख 'स्कंद पुराण' के 'रेवा खंड' और 'भविष्य पुराण' के 'प्रतिसर्ग पर्व' में मिलता है, जहाँ भगवान विष्णु स्वयं देवर्षि नारद को इस व्रत की महिमा बताते हैं।#स्कंद पुराण#रेवा खंड#भविष्य पुराण
त्योहार पूजाकरवा चौथ की कथा का शास्त्रीय आधार क्या है?कथा आधार: वीरवती (भाइयों ने अग्नि दिखाई→पति मृत्यु→शिव-पार्वती कृपा→पुनर्जीवित), करवा (यमराज से पति बचाया), भविष्य पुराण (कार्तिक कृष्ण चतुर्थी), द्रौपदी कथा (लोक — विवादित)। उत्तर भारत प्रधान।#करवा चौथ#कथा#वीरवती