विस्तृत उत्तर
जब राजा कुबेर को पता चला कि हेममाली ने अपनी काम-वासना के कारण देवाधिदेव महादेव की पूजा में विघ्न डाला है, तो वे अत्यंत क्रोधित हो गए। कुबेर ने उसे तुरंत सभा में बुलवाकर श्राप दिया, 'तूने धर्म का त्याग किया है, अतः मैं तुझे श्राप देता हूँ कि तू इसी क्षण स्वर्ग से गिरेगा, अपनी पत्नी से बिछुड़ेगा और मृत्युलोक (पृथ्वी) पर जाकर 18 प्रकार के भयंकर कुष्ठ (कोढ़) रोगों से पीड़ित होगा।' श्राप के कारण उसका शरीर गलने लगा और वह भयंकर दर्द के साथ जंगलों में भटकने लगा।





