विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में राजा शूरसेन की कथा प्रसिद्ध है। एक बार इंद्र का पुष्पक विमान शूरसेन के राज्य के ऊपर आकर रुक गया और उड़ने में असमर्थ हो गया। इंद्र ने बताया कि किसी पापी की दृष्टि से विमान का पुण्य खत्म हो गया है। राज्य की एक गरीब स्त्री ने अनजाने में दिन भर भूखे रहकर चंद्रोदय के बाद जल पिया था (अनजाने में संकष्टी व्रत)। जब उस स्त्री ने अपना यह पुण्य इंद्र को दिया, तो विमान तुरंत उड़ गया।