विस्तृत उत्तर
पद्म पुराण के अनुसार, स्वर्गलोक की अलकापुरी नगरी के राजा कुबेर भगवान शिव के परम भक्त थे। उनका 'हेममाली' नाम का एक यक्ष सेवक था, जिसका काम रोज मानसरोवर से भगवान शिव की पूजा के लिए ताजे स्वर्ण-कमल के फूल लाना था। एक दिन हेममाली फूल लाने के बाद राजा कुबेर के पास जाने के बजाय अपनी सुंदर पत्नी 'विशालाक्षी' के साथ काम-क्रीड़ा में लिप्त हो गया। जब कुबेर दोपहर तक पूजा के लिए फूलों का इंतजार करते रहे, तो उन्हें हेममाली की इस लापरवाही का पता चला।
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