विस्तृत उत्तर
नेती धोपनी स्वर्ग की एक दिव्य धोबिन थी जो माता मनसा की अत्यंत प्रिय सखी थी। 6 महीने की यात्रा के बाद बिहुला हिमालय के पास त्रिवेणी संगम (नेती धोपनी के घाट) पर पहुँची। वहाँ उसने नेती धोपनी को अपने रोते हुए बच्चे को मारकर फिर जीवित करते देखा और समझ गई कि यह कोई साधारण स्त्री नहीं है। बिहुला की करुण पुकार और उसके अखंड सतीत्व से द्रवित होकर नेती धोपनी उसे स्वर्ग का मार्ग दिखाकर देव-सभा में ले गई।


