विस्तृत उत्तर
कथा के अनुसार 'शीला' एक धर्मपरायण गृहिणी थी। उसका पति बुरी संगति (जुआ, शराब, सट्टा) में पड़कर सारी संपत्ति नष्ट कर देता है और शीला के गहने तक गिरवी रख दिए जाते हैं। दुख के समय में एक वृद्ध महिला (स्वयं देवी लक्ष्मी) उसके घर आती हैं और उसे वैभव लक्ष्मी व्रत करने की सलाह देती हैं। शीला श्रद्धा से व्रत करती है, जिससे उसका पति सुधर जाता है, मेहनत से कमाने लगता है और गिरवी रखे गहने व खोई हुई प्रतिष्ठा वापस मिल जाती है।





