व्रत कथाकामिका एकादशी की व्रत कथा क्या है (क्षत्रिय और ब्राह्मण की कथा)?एक क्रोधी क्षत्रिय से गलती से एक ब्राह्मण की हत्या हो गई थी। समाज से निकाले जाने के बाद, उसने एक ऋषि के कहने पर कामिका एकादशी का व्रत किया था।#व्रत कथा#क्षत्रिय#ब्राह्मण हत्या
व्रत कथादेवशयनी (पद्मा) एकादशी की व्रत कथा क्या है (राजा मान्धाता)?राजा मान्धाता के राज्य में 3 साल तक भयंकर अकाल पड़ा था। महर्षि अंगिरा के कहने पर राजा और प्रजा ने पद्मा (देवशयनी) एकादशी का व्रत किया, जिसके प्रभाव से भारी बारिश हुई और अकाल मिट गया।
व्रत कथायोगिनी एकादशी की व्रत कथा (हेममाली यक्ष की कथा) क्या है?अलकापुरी के राजा कुबेर का सेवक हेममाली रोज शिव पूजा के लिए मानसरोवर से फूल लाता था। एक दिन वह अपनी पत्नी के मोह में पड़कर फूल ले जाना भूल गया, जिससे राजा की पूजा रुक गई।#हेममाली कथा#व्रत कथा#अलकापुरी
व्रत कथामोहिनी एकादशी की व्रत कथा (धृष्टबुद्धि की कथा) क्या है?भद्रावती नगरी के वैश्य धनपाल का बेटा 'धृष्टबुद्धि' अत्यंत दुष्ट और शराबी था। घर से निकाले जाने के बाद वह जंगल में जाकर चोरी और जानवरों की हत्या जैसे घोर पाप करने लगा था।#धृष्टबुद्धि कथा#व्रत कथा#धनपाल वैश्य
व्रत कथावरूथिनी एकादशी की व्रत कथा क्या है?एक बार तपस्या करते समय राजा मान्धाता का पैर भालू ने चबा लिया था। भगवान विष्णु ने भालू को मारकर राजा को मथुरा जाकर 'वरूथिनी एकादशी' का व्रत करने को कहा। यह व्रत करने से राजा का पैर फिर से ठीक हो गया।#व्रत कथा#राजा मान्धाता#भालू का प्रसंग
व्रत कथाकामदा एकादशी की व्रत कथा क्या है (ललित गंधर्व और ललिता की कथा)?ललित गंधर्व को राजा पुण्डरीक ने गलती करने पर 'राक्षस' बनने का शाप दे दिया था। उसकी पत्नी ललिता ने शृंगी ऋषि के कहने पर कामदा एकादशी का व्रत किया, जिससे ललित वापस गंधर्व बन गया।#व्रत कथा#ललित और ललिता#शृंगी ऋषि
व्रत कथासंकष्टी चतुर्थी व्रत की कथा क्या है?कथा के अनुसार एक गरीब स्त्री ने अनजाने में भूखे रहकर रात में संकष्टी का व्रत पूरा किया था। जब उसने अपने व्रत का पुण्य इंद्र को दिया, तो उनका रुका हुआ पुष्पक विमान फिर से उड़ने लगा।#राजा शूरसेन#इंद्र का विमान#व्रत कथा
व्रत कथाशनिवार व्रत की कथा क्या है?कथा राजा विक्रमादित्य की है, जिन्होंने अहंकार में शनि देव का अपमान किया था जिससे उनका राज्य छिन गया। बाद में भूल मानकर व्रत करने से शनि देव ने उन्हें वापस सब कुछ लौटा दिया।#व्रत कथा#राजा विक्रमादित्य#शनि का प्रकोप
व्रत कथासंतोषी माता व्रत की कथा क्या है?कथा एक गरीब बहू की है जिसे ससुराल वाले बहुत सताते थे। संतोषी माता का व्रत करने से उसका पति परदेस से धनवान होकर लौटा और माता ने जेठानियों के षड्यंत्र को विफल कर बहू को सम्मान दिलाया।#व्रत कथा#बुढ़िया के सात बेटे#बहू का संघर्ष
व्रत कथागुरुवार व्रत की कथा क्या है?इसकी कथा एक कंजूस रानी की है जिसने गुरुवार को बाल और कपड़े धोकर अपना सारा धन नष्ट कर दिया था। बाद में उसने 16 गुरुवार व्रत रखकर और चने की दाल-गुड़ का भोग लगाकर अपना खोया धन वापस पाया।#व्रत कथा#इंद्र और बृहस्पति#राजा रानी की कथा
व्रत कथासोलह सोमवार व्रत की कथा (कहानी) क्या है?यह कथा एक पुजारी की है जिसे पार्वती जी ने कोढ़ी होने का श्राप दिया था। 16 सोमवार व्रत करने से वह ठीक हो गया। इसी व्रत से पार्वती जी ने कार्तिकेय को और एक ब्राह्मण ने राजकुमारी को पाया।#व्रत कथा#शिव पार्वती#सोलह सोमवार कथा
व्रत कथामंगलवार व्रत की कहानी (कथा) क्या है?पहली कथा में हनुमान जी ने निस्संतान ब्राह्मणी को पुत्र देकर उसके सत्य की रक्षा की। दूसरी कथा में एक बुढ़िया माई को उसकी बहू ने सताया, तो स्वयं हनुमान जी ने बालक बनकर उसे खाना दिया।#व्रत कथा#ब्राह्मण दंपत्ति#बुढ़िया माई
व्रत एवं त्योहारअहोई अष्टमी की कथा कौन सी है?साहूकार की बहू के हाथों अनजाने में सेही का बच्चा मर गया, जिससे उसकी संतानें मरने लगीं। वृद्धाओं की सलाह पर उसने कार्तिक अष्टमी को सेही का चित्र बनाकर अहोई माता की पूजा और क्षमायाचना की। माता की कृपा से उसे फिर सात पुत्र मिले।#अहोई अष्टमी कथा#सेही की कथा#व्रत कथा