का सरल उत्तर
गुरु वसिष्ठजी की आज्ञा पर शुभ मुहूर्त में — 'सजहु बारात बजाइ निसाना।' हाथी-घोड़े-रथ सजाये, ब्राह्मण-मुनि-सेना साथ लिये। भव्य बारात अयोध्या से जनकपुर चली।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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