का सरल उत्तर
बभ्रुवाहन कथा में राजा व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि एक प्रेत के कष्टों के साक्षी बनते हैं। वह प्रेत भूख-प्यास, भटकन और कष्टों में था। करुणावान राजा ने उसके लिए श्राद्ध-दान करके उसे मुक्त किया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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