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सरल उत्तर

'बंदउँ संत समान चित हित अनहित नहिं कोइ' — संतों की क्या विशेषता बताई गई?

का सरल उत्तर

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संतों की विशेषता बताई — उनका चित्त समान है, कोई हितैषी नहीं कोई अहितैषी नहीं। जैसे हथेलियों में रखे फूल दोनों हाथों को समान सुगन्ध देते हैं, वैसे ही संत सबसे समान भाव रखते हैं।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

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सरल उत्तर: 'बंदउँ संत समान चित हित अनहित नहिं कोइ'