का सरल उत्तर
भैरव अवतार में शिव ने ब्रह्मा का अहंकारी पाँचवाँ सिर काटा, काशी का आधिपत्य लिया और ब्रह्म-हत्या के प्रायश्चित के लिए तीर्थाटन किया। काशी में उन्हें पाप-मुक्ति मिली और वे वहाँ के कोतवाल बने।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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