भैरवी देवी की उपासना कैसे करें और किस उद्देश्य से?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भैरवी = छठी महाविद्या, तपस्या की देवी, कुण्डलिनी का जागृत रूप। उद्देश्य: तपस्या शक्ति, कुण्डलिनी, शत्रु नाश, वाक् सिद्धि, ज्ञान। मंत्र: 'ॐ ह्रीं भैरव्यै नमः' 108 बार। लाल पुष्प/चंदन। अन्य उग्र महाविद्याओं से अपेक्षाकृत सौम्य — सामान्य भक्ति सभी कर सकते हैं। तांत्रिक = गुरु दीक्षा।
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श्रेणी
दस महाविद्या
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