का सरल उत्तर
भरतजी राजा दशरथ और रानी कैकेयी के पुत्र थे। श्रीरामजी के अनन्य भक्त — जिनका मन राम-चरणों में भौंरे की तरह सदा लगा रहता, कभी पास नहीं छोड़ता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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