'भूप सहस दस एकहिं बारा। लगे उठावन टरइ न टारा' — इसका अर्थ?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अर्थ — दस हज़ार राजा एक साथ उठाने लगे पर धनुष टस-से-मस नहीं हुआ। शिवजी का धनुष इतना भारी और दिव्य कि कोई हिला तक नहीं सका। इसके बाद जनक ने निराश वाणी कही।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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