का सरल उत्तर
बिना आसन के नंगी जमीन पर बैठकर जप करने से पृथ्वी सारी आध्यात्मिक ऊर्जा सोख लेती है, जिससे जप निष्फल हो जाता है। ऊर्जा संरक्षण के लिए कुशा या ऊनी आसन अनिवार्य है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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