ब्रह्माजी का सिर काटने के बाद शिव को ब्रह्महत्या का पाप क्यों लगा?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
ब्रह्मा के सिर की हत्या महापाप (ब्रह्महत्या) है इसलिए भैरव रूप में शिव को यह दोष लगा। भैरव कपाल हाथ में लेकर तीर्थाटन करते रहे। काशी पहुँचने पर कपाल गिरा और पाप-मुक्ति हुई — वह स्थान 'कपाल मोचन' कहलाया।
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शिव महिमा
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