ब्राह्मण को मृत्युदंड क्यों नहीं दिया गया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अश्वत्थामा गुरु-पुत्र और ब्राह्मण था; इसलिए शारीरिक वध के स्थान पर मणि छीनना, सिर मूँड़ना और निकाल देना दंड माना गया।
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