ब्रह्मयज्ञ क्या है और कैसे करें
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
ब्रह्मयज्ञ = वेद/शास्त्र का अध्ययन-अध्यापन। पंच महायज्ञों में प्रथम। ऋषि ऋण मुक्ति हेतु। विधि: संध्या के बाद वेद शाखा का पाठ, गायत्री जप, ऋषि तर्पण। सरल रूप: प्रतिदिन गीता/उपनिषद् का कुछ अंश पढ़ना-मनन करना। मनुस्मृति, तैत्तिरीय आरण्यक में विधान।
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