का सरल उत्तर
चातुर्मास में विवाह, यज्ञोपवीत, गृहप्रवेश, मुंडन, दीक्षा आदि सभी मांगलिक संस्कार वर्जित हैं। सावन में साग, भादों में दही, क्वार में दूध और कार्तिक में दाल का त्याग करने का विधान है। यह काल जप, भजन, कथा-श्रवण और तपस्या के लिए सर्वोत्तम है।
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