चित्रगुप्त जीव के पुण्यों को कैसे प्रमाणित करते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
चित्रगुप्त की पंजिका में पाप और पुण्य दोनों समान रूप से लिखे हैं। वे यमराज को तुलनात्मक लेखा देते हैं। गुप्त दान भी उनसे छुपा नहीं — हर पुण्यकर्म उतनी ही निश्चितता से दर्ज है।
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