का सरल उत्तर
दान का फल दाता को (पाप-नाश, स्वर्ग), प्रेत-पितरों को (तृप्ति-मुक्ति) और तीनों लोकों को मिलता है। 'भूलोक, भुवर्लोक और स्वर्गलोक के निवासी सभी दान से संतुष्ट होते हैं।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।