दसवां और तेरहवां कर्म कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
दसवां: अशौच समाप्ति → क्षौर कर्म (मुंडन) → गृह शुद्धि (सफाई-पुताई) → तर्पण-पिण्डदान। तेरहवीं: पूर्ण श्राद्ध संस्कार → हवन → पंचयज्ञ → पिण्डदान → ब्राह्मण भोज → दान-दक्षिणा → शोक समाप्ति। क्षेत्रानुसार 12वें दिन भी।
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