धर्मराज जीव को दंड कैसे देते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
धर्मराज चित्रगुप्त के लेखे से पाप-पुण्य तौलकर नरक का निर्धारण करते हैं। गरुड़ पुराण में 84 लाख नरक हैं — हर पाप के लिए अलग नरक। यह दंड अस्थायी है — पाप-दंड पूरा होने पर पुनर्जन्म होता है।
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जीवन एवं मृत्यु
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