ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

धर्मराज जीव को दंड कैसे देते हैं?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

धर्मराज चित्रगुप्त के लेखे से पाप-पुण्य तौलकर नरक का निर्धारण करते हैं। गरुड़ पुराण में 84 लाख नरक हैं — हर पाप के लिए अलग नरक। यह दंड अस्थायी है — पाप-दंड पूरा होने पर पुनर्जन्म होता है।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
जीवन एवं मृत्यु

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।