का सरल उत्तर
ध्यान में आँखें बंद इसलिए रखते हैं क्योंकि यह 'प्रत्याहार' (योगसूत्र 2/54) है — इंद्रियों को बाहर से भीतर मोड़ना। गीता (5/27) में दृष्टि को भ्रूमध्य में स्थिर करने का आदेश है। खुली आँखें मन को बाहर खींचती हैं; बंद आँखें मन को अंतर्मुख बनाती हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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