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सरल उत्तर

दुनियावी सुख के पीछे भागना क्यों ठीक नहीं?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

नारदजी कहते हैं कि विषय-सुख कर्मफल से अपने आप मिलते हैं, जैसे दुख मिल जाता है; बुद्धिमान को परम लक्ष्य के लिए प्रयत्न करना चाहिए।

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