का सरल उत्तर
द्वितीया श्राद्ध से पशु-धन पितरों के आशीर्वाद से प्राप्त होता है। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 के अनुसार द्वितीया को श्राद्ध करने वाले गृहस्थ को पशू वै यानी निश्चित रूप से उत्तम कोटि के पशु-धन यानी गौ, अश्व आदि की प्राप्ति होती है। आधुनिक संदर्भ में यह वाहन, घर, सम्पत्ति, उद्योग आदि सम्पूर्ण भौतिक समृद्धि का प्रतीक है। काम्य भावना और पूर्ण विधि-विधान से श्राद्ध करने पर पितर तृप्त होकर यह आशीर्वाद देते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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