का सरल उत्तर
द्वितीया श्राद्ध से शिव इसलिए प्रसन्न होते हैं क्योंकि शिव महाकाल हैं यानी मृत्यु और समय के परम देवता। यमराज शिव के अधीन हैं, और द्वितीया तिथि पर यमराज का विशेष आधिपत्य रहता है। जब कर्ता भक्ति से पितरों का श्राद्ध करता है, तो यमराज प्रसन्न होते हैं और शिव भी प्रसन्न होते हैं। भक्तिपूर्वक पितृ-सेवा शिव की सेवा के समान है।
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