का सरल उत्तर
हाँ, द्वितीया श्राद्ध से अश्व जैसे वाहन भी मिल सकते हैं। याज्ञवल्क्य स्मृति 1.264 के अनुसार द्वितीया का पशू वै फल गौ, अश्व आदि की प्राप्ति है। श्लोक में एकशफं यानी एक खुर वाला पशु यानी घोड़ा भी समाहित है। आधुनिक संदर्भ में पशू वै सम्पूर्ण भौतिक समृद्धि - वाहन, घर, सम्पत्ति - का प्रतीक है। परंतु वाहन का मुख्य काम्य फल तृतीया श्राद्ध से जुड़ा है, जिसमें अश्व आदि वाहनों की विशेष प्राप्ति होती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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