द्वितीया तिथि क्या होती है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
द्वितीया तिथि चान्द्र-मास की दूसरी तिथि है, जो चन्द्रमा की द्वितीय कला का प्रतिनिधित्व करती है। प्रत्येक पक्ष यानी शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में पन्द्रह तिथियाँ होती हैं, जिनमें द्वितीया दूसरी तिथि है। इस तिथि पर यमराज का विशेष आधिपत्य रहता है, और पितृ-कर्मों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है।
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