का सरल उत्तर
महर्षि मेधा के शरीर के अंश से चावल और जौ पैदा हुए थे, इसलिए चावल को 'जीव' माना जाता है। साथ ही, एकादशी पर पाप पुरुष अनाज में रहता है, इसलिए चावल खाना पाप है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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