का सरल उत्तर
पौराणिक कथा के अलावा वैज्ञानिक कारण यह है कि चावल बहुत ज्यादा पानी सोखता है। एकादशी पर चावल खाने से शरीर का जलीय तत्व बिगड़ जाता है, जिससे मन अशांत और चंचल हो जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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