का सरल उत्तर
हाँ, एकादशी व्रत महिलाएँ अवश्य कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वयं पूजा न करें, लेकिन कथा श्रवण, भजन और भगवान स्मरण कर सकती हैं तथा चावल का त्याग करें। शुद्धि के बाद द्वादशी पर पारण करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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