का सरल उत्तर
व्रत टूट जाने पर घबराएं नहीं। भगवान विष्णु के 'अच्युत' नाम का ध्यान करें और 11 माला विष्णु मंत्र का जाप कर दान दें। सबसे बड़ा प्रायश्चित है कि अगली 'निर्जला एकादशी' का व्रत पूरी निष्ठा से रखें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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