का सरल उत्तर
गणेश जी का जन्म माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से किया। शिव जी ने अनजाने में उनका सिर काट दिया, फिर हाथी का सिर लगाकर पुनर्जीवित किया और 'प्रथम पूज्य' घोषित किया। माता-पिता की परिक्रमा से प्रथम पूज्य का वरदान मिला। परशुराम से युद्ध में एक दाँत टूटने से 'एकदंत' नाम पड़ा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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