का सरल उत्तर
पार्वती मूर्ति ने प्रसन्न होकर मुस्कुराई और वरदान दिया — मनवांछित वर (रामजी) मिलेंगे, मनोरथ पूर्ण होगा। सखियों ने मूर्ति का हिलना देखा — 'देवी प्रसन्न हुईं।' सीताजी को बड़ा हर्ष हुआ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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