ग्रहण काल में कुश का प्रयोग क्यों करते हैं
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सरल उत्तर
ग्रहण में कुश: कुश = सर्वाधिक पवित्र तृण, सात्विक ऊर्जा। भोजन/जल पर रखने से ग्रहण का दूषित प्रभाव निष्प्रभ। तुलसी पत्र भी साथ। कुश पवित्री पहनकर जप। मान्यता: कुश नकारात्मक ऊर्जा अवशोषित करता है। बिना कुश का भोजन ग्रहण बाद त्याज्य (कुछ परम्पराओं में)।
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