का सरल उत्तर
ग्रहण जप = लाख गुना (1,00,000×) फल — 'लक्षगुणमवाप्नोति' (शास्त्र)। सूर्य/चन्द्र ग्रहण दोनों। खग्रास > खण्डग्रास। ब्रह्माण्डीय ऊर्जा विशेष। गायत्री/महामृत्युंजय। 'लाख गुना'=प्रतीकात्मक — 'अत्यन्त अधिक'। ग्रहण = सर्वोत्तम साधना अवसर।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।